Search your topic

Monday, April 1, 2024

My House

 



मेरा घर
सालों से राह तकता मेरे मैके का घर
बगीचे में हर साल , मौसमी फल लग ही जाते हैं
नीली चिडिया आती है
कुछ देर इधर उधर  फुदकी हैफिर अंजानी दिशा में उड जाती है.

मैं जिंदगी की डोर थामे
नियति के साथ चल रही हूँ
कितने अनजानेे रास्ते से रूबरू होते
कभी धुँआ सा उठता
कभी क्षितिज में झिलमिलाता
मेरा वजूद
किसी खाई में पनपता हरयाली सा लगता है

मैं हर रात सोचती       कल घर लौट जाऊँगी
सुबह एक नयी दिशा में मेरा पैर मुड़ जाता है.







No comments:

Post a Comment

Eclipse,EarthDay

The Timeless: Why You Are Never Too Old to Dream a New Dream https://pin.it/qzID01QZe We often treat life like a race with a definitive fini...