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Monday, June 17, 2024

DESERTIFICATION

 जानें मरुस्थलीकरण (Desertification)का मतलब



1. मरुस्थलीकरण प्राकृतिक प्रक्रियाओं और मानवीय गतिविधियों के संयोजन के कारण उपजाऊ भूमि के शुष्क रेगिस्तान में क्रमिक भूमि क्षरण का एक प्रक्रिया है
2. मरुस्थलीकरण वह क्षरण प्रक्रिया है जिसके द्वारा उपजाऊ भूमि अपने वनस्पतियों और जीवों को खोकर रेगिस्तान में बदल जाती है ।
3. यह सूखे, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन, मानवीय गतिविधियों या अनुचित कृषि के कारण हो सकता है।
4. मरुस्थलीकरण भूमि के क्षरण की एक प्रक्रिया है जो
शुष्क क्षेत्रों का  प्रसार विभिन्न कारकों के कारण होता है_ जैसे मानव गतिविधि के परिणामस्वरूप मिट्टी का अत्यधिक क्षरण होना।

5. मरुस्थलीकरण(Desertification) के सर्वाधिक कारणों में शामिल हैं निम्न बातें_

• अधिक जानवरों को चराना
• अत्यधिक खेती बाड़ी
• आग में वृद्धि
• पानी को घेरे में बन्द करना
• वनों की कटाई
• भूजल का अत्यधिक इस्तेमाल करना
•  मिट्टी में अधिक लवणता का बढ़ जाना
और वैश्विक जलवायु परिवर्तन 
राजस्थान में मरुस्थलीकरण (Desertification)

• धरती के भूमि क्षेत्र का लगभग एक-तिहाई भाग इसी प्रकार की भूमि से बना है।



मरुस्थलीकरण (Desertification)का दूसरा  वर्णन जानें।

मरुस्थलीकरण से तात्पर्य  है_
• जलवायु परिवर्तन
•  मानवीय गतिविधियों के कारण शुष्क भूमि पारिस्थितिकी तंत्र के लगातार क्षरण 
• यह सभी महाद्वीपों (अंटार्कटिका को छोड़कर) पर होता है ।
• शुष्क भूमि में रहने वाले गरीबों का एक बड़ा हिस्सा भी शामिल है।


मरुस्थलीकरण के चार कारक :-

मरुस्थलीकरण उन कारकों के संयोजन के कारण होता है जो समय के साथ बदलते हैं और स्थान के अनुसार बदलते रहते हैं।
1.  अप्रत्यक्ष कारक जैसे जनसंख्या दबाव
2.  सामाजिक आर्थिक
3.  नीतिगत कारक
4. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के साथ-साथ प्रत्यक्ष कारक जैसे भूमि उपयोग पैटर्न और प्रथाएं।
5. जलवायु-संबंधित प्रक्रियाएं 

हर साल एक थीम को दृष्टि में रख कर काम किया जाता है
2024 का थीम है___"भूमि के लिए एकजुट "
Theme__"United for Land,
                  Our Legacy, Our Future.
बॉन, जर्मनी (Bonn,Germany)17 जून 2024 -


• स्थायी भूमि प्रबंधन के समर्थन में सभी पीढ़ियों को संगठित करना ।
• मरुस्थलीकरण और सूखा दिवस 2024 का केंद्रबिंदु है।
       जिसे 17 जून को मनाया जाता है।
• भूमि क्षरण और सूखे से निपटने के वैश्विक प्रयास में एक महत्वपूर्ण क्षण है।
बॉन(Bonn) में संघीय आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय (BMZ) के माध्यम से जर्मनी (Germany) के संघीय गणराज्य(Federal Republic  of Germany)द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम:-



"भूमि के लिए एकजुट,हमारी विरासत,हमारा भविष्य" (United for Land: Our Legacy: Our Future)


थीम के तहत दुनिया भर के परिवर्तनकर्ताओं को एक साथ लाया गया।

मरुस्थलीकरण क्या है Drishti IAS?

मरुस्थलीकरण एक ऐसी भौगोलिक घटना है, जिसमें उपजाऊ क्षेत्रों में भी मरुस्थल जैसी विशिष्टताएँमरुस्थलीकरण से कैसे बचा जा सकता है

• मरुस्थलीकरण की रोकथाम के लिए वनस्पति आवरण का संरक्षण एक प्रमुख साधन हो सकता है
• मिट्टी को हवा और पानी के कटाव से बचाने के लिए वनस्पति आवरण बनाए रखना मरुस्थलीकरण के खिलाफ एक प्रमुख निवारक उपाय है।




 
रेगिस्तान कैसे बचा सकते हैं?

रेगिस्तान को बचाने के लिए मुख्य तरीके इस प्रकार है__

• वृक्षारोपण और बीजारोपण:
• रेगिस्तान के अनुकूल वनस्पतियों का सावधानीपूर्वक और रणनीतिक रोपण
• इन पारिस्थितिकी तंत्रों के प्राकृतिक संतुलन को बहाल करने में मदद कर सकता है।
• जल प्रबंधन - शुष्क रेगिस्तानी परिस्थितियों में जल संसाधनों का कुशल उपयोग और संरक्षण महत्वपूर्ण है।
मिट्टी के गुणों में हेरफेर, और आवरण प्रदान कर
रेगिस्तान को  बचाना चाहिए?
• रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण आवश्यक है क्योंकि वे पौधों, जानवरों और मनुष्यों को समर्थन देने वाली जैव विविधता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।
• इस सम्मेलन की एक हस्ताक्षरकर्ता और प्रतिबद्ध समर्थक है, मरुस्थलीकरण और सूखा दिवस 2024 (जिसे मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस 2024 के रूप में भी जाना जाता है) के वैश्विक पालन की मेजबानी करेगी।
• आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय (BMZ) और बॉन शहर के सहयोग से, जो 1999 से UNCCD सचिवालय का घर है, सार्वजनिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी।

• मरुस्थलीकरण और सूखा दिवस 2024 के कार्यक्रमों में__
• एक फोटो प्रदर्शनी
• शैक्षिक कार्यक्रम और संगीत प्रदर्शन शामिल होंगे।
•  इस वर्ष की थीम के वैश्विक प्रसार को सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही एक सोशल मीडिया अभियान शुरू किया गया। 
• मरुस्थलीकरण और सूखा दिवस को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा " मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने के लिए विश्व दिवस" ​​के रूप में घोषित किया गया था ।

17 July-International Justice Day



17 July- International Justice Day 


 17 जुलाई विश्व अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस

• विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस हर साल 17 जुलाई को मनाया जाता है।
•  इसे अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्याय दिवस या अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के रूप में भी जाना जाता है।
• यह दिन अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्याय की उभरती प्रणाली को मान्यता देता है।

विश्व अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस का इतिहास 

• 17 जुलाई 1998 को, 120 देश अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के रोम संविधि नामक एक संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए एक साथ आए।

•  इस स्थापना को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के रूप में जाना जाने लगा ।

• यह हस्ताक्षर 1 जुलाई 2002 को अस्तित्व में आया।
• रोम संविधि पर हस्ताक्षर करने का जश्न तब से मनाने के लिए  हर साल अंतरराष्ट्रीय न्याय के लिए विश्व दिवस मनाया जाता है।

Theme 2024
हर साल विश्व अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस का एक थीम रखा जाता है।
2024 का विषय है-(Bridging Gaps, BuildingAlliancesअंतराल को पाटना, गठबंधन बनाना' ।
• इस वर्ष का विषय "सामाजिक न्याय के लिए बाधाओं को दूर करना और अवसरों को खोलना" है।
जो वैश्विक एकजुटता को मजबूत करने और सरकारों में 

विश्वास का पुनर्निर्माण करने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) की
सिफारिशों पर केंद्रित है।सामाजिक न्याय का क्या महत्व है?


अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस का महत्व
सामाजिक न्याय का उद्देश्य एक ऐसे समाज को बढ़ावा देना है जो न्यायसंगत हो।
• विविधता को महत्व देता हो।
• अपने सभी सदस्यों को उनकी विकलांगता, जातीयता, लिंग, आयु, यौन अभिविन्यास या धर्म के बावजूद समान अवसर प्रदान करता हो।
• संसाधनों और समर्थन का उचित आवंटन सुनिश्चित करता हो उनके मानवाधिकारों के लिए न्याय संगत हो।
अंतरराष्ट्रीय न्याय के लिए विश्व दिवस का उद्देश्य आईसीसी के प्रयासों की सराहना करना और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के पीड़ितों के लिए न्याय को बढ़ावा देने में सभी को एकजुट करना है।
• (ICC)आईसीसी ने मुख्य रूप से मानवता के खिलाफ अपराध (नष्ट करना, हत्या, आदि), नरसंहार ( एक समुदाय को नुकसान पहुंचाना), युद्ध अपराध (जानबूझकर पीड़ा, यातना देना, आदि), और आक्रामकता के अपराध (सैन्य कब्ज़ा, आदि) पर ध्यान केंद्रित करना है।



Some Famous Slogan

• "Well of Justice Grind Slow but Grind Fine".
-SUN TSU/a military General.-544BC.

• Your Dignity,Your Integrity, and Your Rights are Help Up by Justice.
--Patricia McAm
• JUSTICE doesn't Equal REVENGE.
-Carl Elis Jr.
• NOTHING CAN CAUSE NATIONS
      TO FLOURISH LIKE JUSTICE.
       -IMAM ALI (AS)

Sunday, June 16, 2024

16June-International Day of Family Remittances

 16 June- अंतरराष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस


पहले जान लें Remittance का मतलब क्या होता है।
भारत से बाहर काम कर रहे भारतीय खाड़ी देश, अमरिका, और ब्रिटेन जैसे विकसित देश में डॉक्टर,  इंजीनियर, शोफर की नौकरी कर करते हुए  जब भारत में अपने परिवारों को धनराशी भेजते हैं तो उसे रेमिटेंस ((Remittance) कहते हैं।


अनेक देशों के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करने के लिए एक महत्वपूर्ण जरिया है Remittance.
भारत जैसे विकासोन्मुख देशों की अर्थव्यवस्था में इसका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
धन प्रवासी भी भेजते हैं।
(NRIs) भारतीय प्रवासी बरसों से भारत देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करते आए हैं।
आज भारत विश्व में तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है।
प्रवासी भारतीय अपने देश को रेमिटेंस भेजने के मामले में सबसे आगे हैं।

धन-प्रेषण और भुगतान में क्या अंतर है?

धन-प्रेषण किसी बिल के जवाब में भेजा गया भुगतान होता है।
यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजे गए धन का वर्णन करने के लिए  किया जाता है।

जैसे:-
जब अमेरिका में कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश में अपने परिवार या दोस्तों को पैसे भेजता है, तबवे धन-प्रेषण भेज रहे होते हैं।

हर साल 16 जून को International Day of Family Remittances यानि पारिवारिक प्रेषण का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।

 
यह दिन दुनिया भर में लगभग 800 मिलियन परिवार 
के सदस्यों के जीवन को बेहतर बनाने लिये 200 मिलियन से अधिक प्रवासियों द्वारा दिए गए योगदान को चिन्हित करने के लिए मनाया जाता है।

2024 में इंटरनेशनल डे ऑफ फैमिली रेमिटेंस को “Building resilience in times of crisis” की थीम पर मनाया जाएगा.2024 में इंटरनेशनल डे ऑफ फैमिली रेमिटेंस को “Building resilience in times of crisis” की थीम पर मनाया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस की थीम 2024 

अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस (International Day Of Family Remittances ) की थीम हर साल बदलती रहती है। 

अंतर्राष्ट्र्रीय प्रेषण दिवस हर साल एक नई थीम के साथ मनाया जाता है।
इस साल 2024 के लिए अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस की थीम “प्रेषणों में निवेश, समावेश और नवाचार के लिए एक बेहतर भविष्य” निर्धारित के गई है।
यह थीम प्रवासियों और उनके परिवारों के जीवन में सुधार के लिए प्रेषणों की क्षमता पर प्रकाश डालती है।

अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस का विषय क्या है?

अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से घोषित एक अंतर्राष्ट्रीय महत्व का दिन है।
यह पूरी दुनिया के 200 मिलियन से अधिक प्रवासी कामगारों, महिलाओं और पुरुषों को मान्यता देता है, जो 800 मिलियन से अधिक परिवार के सदस्यों के घर पैसा भेजते हैं।

प्रेषित धन क्या है

प्रेषित धन वह धन है जो किसी अन्य पार्टी को भेजा जाता है, सामान्यत: एक देश से दूसरे देश में. प्रेषक आमतौर पर एक अप्रवासी होता है और प्राप्तकर्त्ता एक समुदाय/परिवार से संबंधित होता है. 
दूसरे शब्दों में रेमिटेंस या प्रेषण से आशय प्रवासी कामगारों द्वारा धन अथवा वस्तु के रूप में अपने मूल समुदाय/परिवार को भेजी जाने वाली आय से है।

ज्ञात  हो कि विश्व में प्रेषित धन या रेमिटेंस का सबसे बड़ा प्राप्तकर्त्ता भारत है.
Photo credit:Google 

जानें परिवार प्रेषण के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के बारे में


IDFR संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा अपनाया गया एक सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त है.

इन उद्देश्यों के लिए IDFR का संरक्षक संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) है.

IFAD एक विशेष संयुक्त राष्ट्र (UN) एजेंसी है जो विश्व खाद्य सम्मेलन 1974 के प्रमुख परिणामों में से एक थी. बाद में 1977 में, इसे एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान के रूप में

Saturday, June 15, 2024

15June-World Elder Abuse Awareness Day

 15 June - World Elder Abuse Awareness

Day  __ विश्वबुजुर्ग जागरूकता  दिवस .
The day was officially recognised by the United Nations General Assembly.
15 June 2006 को विश्व वुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (WEAAAD) की शुरुवात हुई ।
इसका उद्देश्य है __ वृद्धजनों के प्रति
सेवाभाव रखना,उनकी देखभाल  करना इत्यादि।
बहुत  से ऐसे संस्था हैं जो विशेष कर बुजुर्ग जनों की सेवा के लिए ही है।
वहां से सहायता ले सकते हैं।

इस साल 2024 का थीम है____
"आपातकाल में वृद्ध व्यक्तियों पर स्पॉटलाइट"
• उम्र बढ़ना प्रकृति की स्वाभाविक प्रकृया है।
• हर किसी को इस प्रकिया से गुज़रना पड़ता है।
दुनिया भर में 15 June को ' विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस  मनाया जाता है।
• 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव 66/127पारित कर के इंटरनेशनल नेटवर्क फॉर द प्रिवेंशन ऑफ एल्डर एब्यूज़ के अनुरोध के बाद  आधिकारिक रूप से ' वल्ड एल्डर एब्यूज अवेयरनेस डे' मनाने की मान्यता  दी।

बहुत से बुजुर्ग अकेले रहते हैं तो मुहल्ले के लोग बारी - बारी से जाकर उनकी मदद करें।
• उनसे मिलें।
• उनके साथ बैठकर उनके पसंद का खाना खाएं।
• उनहें किसी पार्क में ले जाएं। वहां लोगों से मिलाएं।
• उनकी बी पी, सुगर इत्यादि चेक करें।
• उनको हल्का-फुल्का व्यायाम सिखाएं।
अक्सर  बुजुर्ग बाथरूम में गिर जाते हैं।
• बाथरूम में रबर का मेट बिछाएं।
• उनके लिए बाथरूम का विशिष्ट सीट लगाएं।
• उनको छड़ी के सहारे चलने की आदत डलवाएं।
आज के आधुनिक समाज में बुजुर्गों की देखभाल करना एक समस्या बन गयी है।
High Education, हाई फाई जिंदगी, लग्ज़री फ्लेट में
रहना,बुजुर्ग अकेलेपन के शिकार हो जाते हैं।
• अगर देखा जाए तो उन बच्चों का कोई  दोष नहीं, बड़ी नौकरी , बड़ी कम्पनी की जिम्मेदारी, जहां खुद से लिए समय नहीं मिलता, तो बुज़ुर्ग माता पिता की तो बात ही अलग है।
• मैं समझती हूं, आदमी अगर समय के हिसाब से न चले तो उसे अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
• अधेड़ होने से पहले अगर हर आदमी अपनी अधेड़ावस्था का इंतजाम खुद कर ले तो वह अपनों पर कभी बोझ नहीं बनेगा।
• सबसे पहले अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
• अपनी आर्थिक अवस्था को मज़बूत रखें।
• अपने घर का एक हिस्सा अपने लिए सुरक्षित रखें।
• किसी Senior Citizen का मेम्बर बने।
• अपनी बात अपने मन में दबा कर न रखें
• अपने दोस्तों से लगातार संपर्क बनाए रखें।
• बेटे - बहू की जिंदगी में दखल न दें। आप अपनी जिंदगी जी चुके, उनको उनके तरीके से जीने दें।
• अपने हॉबी को पुनः जागृत करें। डायरी लिखें, पेंटिंग करें।
• अगर आप धार्मिक प्रवृति के हों तो अच्छी किताबें पढ़े, मंत्र जाप करें। ध्यान और योग करें।
बहुत से बुजुर्गों को जीवन में इतनी सुविधाएं नहीं होती है तो वे क्या करें।
• बहुत से ऐसे आश्रम है जहां बुजुर्ग अपनी स्वेच्छा से जा सकते हैं।
• आश्रम या अनाथाश्रम घर नहीं होता, वहां के अपने नियम होते हैं। आप जहां भी रहें खुश रहें।


मैंने बहुत सर्वे किया है बुजुर्गों की समस्याओं को लेकर __
बहुत से बुजुर्ग महिला एवं पुरुष अपने बेटे बहू की बातें अनय लोगों से से करते हैं। वही बातें नमक मिर्च लगाकर जब बेटे बहू के कानों में पड़ते हैं तो रिश्तों में दरार पड़नेलगते हैं।
कुछ बुजुर्गों के ऐसे वर्ग होते हैं जिन्हें सहानुभूति और देखभाल की जरूरत होती है।
• उनसे बात करे। बेटे बहू या परिवार के अन्य सदस्य उनकी उपेक्षा न करे।
• उनकी हाल चाल पूछ लेने से किसी को कुछ घटता नहीं है, अपितु उनसे आशीर्वाद ही मिलते हैं।
• बुजुर्ग माता - पिता के खाने में अधिक टोका- टोकी न करें । अपितु उन्हें प्यार से समझाएं कि कौन सी चीज़ उनके खाने में ठीक रहेगा।
• कहीं जाते समय अपने बुजुर्ग माता-पिता को बताकर जाएं।
• अपने बुजुर्ग माता पिता के लिए  wheelchair, stick जरूर रखें।
• नफरत नहीं प्यार से बुजुर्ग परिवार की देखभाल की जा सकती है।


इस प्रकार  बुजुर्ग परिवार के साथ समय बिताना कितना सुखद होता है।

Friday, June 14, 2024

World 🌎 Blood Donor Day

 World🌎 Blood Donor Day

                                  विश्व रक्तदान दिवस



चलें आज रक्तदान दिवस पर बात करते हैं।
रक्तदान दिवस हर 14 June को मनाते हैं।
2004 में चार प्रमुख international Organizations:
1. The World Health Organization,
2. The International Federation of  Red Cross and Red Cresent Societies
3. THE International Federation of Blood Donor Organizations Organizations(IFBDO)
4. The International Society of Blood Transfusion (ISBT)

• रक्त  इंसान की धमनियों और शिराओं में मौजूद लाल फ़्लूद होता है।
यह उसके ऊतकों और अंगों को जिंदा रखने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन, पानी और पोषक तत्व प्रदान

करता है।
इंसान  के शरीर के अंदर लगभग 5 लीटर खून मौजूद रहता है।

Blood Donor रक्तदान ___जब एक स्वस्थ व्यक्ति अपनी स्वच्छा से अपना रक्त दान करता है। और वह रक्त किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर में डाला जा सके जिसको इसकी
आवश्यकता होती हो


Blood Donation- रक्तदान एक परोपकारी भावना है जिसे कोई भी व्यक्ति किसी रोगी, जरूरतमंद को उपहार में अपना रक्त दे सकता है।
और याद रहे कि रक्तदान करते समय किसी व्यक्ति को सर्दी, जुकाम,गले में दर्द, पेट में कीड़े या अन्य कोई संक्रमण न हो।
अगर कोई व्यक्ति टैटू करवाया हो तो वह छ: महिने के बाद
रक्तदान कर सकता है।

Blood Donor- रक्तदाता जितना रक्त  दान करता है उसके शरीर में 21 दिनों में फिर से रक्त बन जाता है।24 घंटे से 72 घंटे में रक्त का वॉल्यूम पूरा बन जाता है।
वैज्ञानिकों ने मानव शरीर में खून की मात्रा शरीर के वजन का आठ प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है।
एक स्वस्थ व्यक्ति हर तीन महीने में रक्तदान कर सकता है।


Blood Donation-रक्तदान करने के अनेक फायदे हैं___
• शरीर की ताज़ा रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करने की क्षमता को बढ़ाता है।
• रक्त में आयरन के स्तर को संतुलित करता है।
• ट्राइग्लिसराइड्स को साफ़ करने में मदद करता है।
दिल संबंधित दुर्घटनाओं की संभावनाएं कम हो जाती है।

Blood Donation- रक्तदान महादान की श्रेणी में गिना जाता है।
• रक्तदान से किसी की जान बच सकती है।
• घायल की सर्जरी और कैंसर जैसे उपचार में रक्तदान काम आता है।
लोग अक्सर जानना चाहते हैं कि हम कहां जाकर रक्तदान करें
• ज्ञात हो ऐसे कार्यक्रम रक्तदान बेंक समाज  कल्याण अक्सर किसी सामुहिक स्थान पर जैसे Shopping Centre, College अथवा पूजा स्थल में रक्तदान कार्यक्रम चलाते हैं। वहां इच्छुक लोग रक्तदान कर सकते हैं।
• दूसरी और आवश्यक बात। AABB अर्थात्
रक्त और बायोथेरेपी के विकास के लिए एसोसिएशन। AABB एक अंतरराष्ट्रीय, गैर-लाभकारी एसोसिएशन है जो ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और बायोथेरेपी के क्षेत्र में शामिल व्यक्तियों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करता है ।योग्य व्यक्तियों को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए उत्साहित करता है।
समय समय पर हम सभी  रक्त का  दान करें, मानवता का यहीं सर्वप्रथम मांग है।

Tuesday, June 11, 2024

How to Remove weakness from body

 HOW to Remove weakness from body 

शारीरिक कमज़ोरी कैसे दूर करें।

गरमी के मौसम में कमज़ोरी, थकान और उनींदापन महसूस होना बहुत आम बात है।


• आँखें इतनी भारी हो जाती हैं कि आप कोई भी साधारण काम नहीं कर पाते हैं।

• क्या होगा अगर यह स्थिति आपको रोज़ाना परेशान करती रहे?
• आपकी उत्पादकता कम हो जाती है और आपके प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ता है।
हालाँकि यह किसी अंतर्निहित बीमारी का संकेत हो सकता है लेकिन कई रोगियों में रक्त रिपोर्ट साफ़ होता है अर्थात कोई बीमारी का लक्षण दिखाई नहीं देता
है।

आख़िर इस कमज़ोरी को दूर करने के लिए क्या करें।?
जानें:-


कमज़ोरी से मिली थकान  को दूर करने के लिए अक्सर ये चंद बातें  अपने दिनचर्या में जोड़ें:-
• चलते-फिरते रहें। (keep moving)

• ऊर्जा पाने के लिए वजन कम करें।

• अच्छी नींद लें।

• ऊर्जा बढ़ाने के लिए तनाव कम करें।

• बातचीत करने से थकान दूर होती है। अर्थात् अपने करीबी या यार दोस्तों से बातें करें

• कैफीन का सेवन कम करें। ...

• शराब कम पिएं। न ही पिएं तो बेहतर है।


कमज़ोरी से लड़ने के लिए और छ: आसान तरीके:-

1. अपने खाने पर ध्यान दें
Chia seeds,Oats,Spinach
Watermelon,Bananas,Egg अपने खाने में शामिल करें।
2.रोज सुबह वॉक करें।

किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि में शामिल हों।
फिट रहने के लिए आपको सिर्फ़ जिम ही नहीं जाना चाहिए। तैराकी, बैडमिंटन, डांसिंग, एरोबिक्स, योग, बॉक्सिंग और भी कई विकल्प हैं।
अपनी पसंद खुद चुनें।
दिन में लगभग 30 मिनट जॉगिंग और थोड़ी स्ट्रेचिंग करें।

3.अपने दिमाग को आराम दें,योगा करें।

•  आप मेडिकली फिट हैं और आपको फिर भी कमज़ोरी महसूस  हो रही है तो तो कमज़ोरी आपके दिमाग में है।


• दिमाग को आराम की ज़रूरत है, आपके शरीर को नहीं।
मेडिटेशन करें। मेडिटेशन एक अच्छा विकल्प है।

•  अपने दोस्तों के साथ खेलें, अपने सहकर्मियों के साथ दोस्ताना व्यवहार करें।
• अपने परिवार के साथ समय बिताएँ और अपने चेहरे पर हमेशा मुस्कान बनाए रखें।
• कुछ छोटी-छोटी बातें आपके दिमाग को तरोताज़ा रखती हैं और आपका मानसिक संतुलन बनाए रखती हैं।

आप निम्नलिखित बातों का पालन करें ।

• कोई शौक अपनाएँ।
• कुछ ऐसा काम करना शुरू करें जो आपको पसंद हो। जैसे:-इसमें गिटार बजाना, पियानो बजाना, किताबें पढ़ना, पेंटिंग करना, संगीत सुनना आदि शामिल हो सकता है।
• जब आप अपनी मनपसंद हॉबिज़ शुरू करेंगे जो आपको पसंद है, तो आप ऊर्जावान महसूस करने लगेंगे।
• गोलियों (tablets) लेने से बचें, कोई फल चुनें।
फलों और अन्य प्राकृतिक खाद्य उत्पादों का सेवन करना बेहतर है।
• भरपूर मात्रा में फाइबर, पानी, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और सलाद लें।

• अपने मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल करें
जब आपको नींद आ रही हो तो बिस्तर से उठने में मदद करने का सबसे अच्छा तरीका है कि अपना कोई पसंदीदा टीवी शो देखना।
• वैकल्पिक रूप से आप अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
• मोबाइल फोन सिर्फ़ समय बर्बाद करने वाला नहीं है, आप इससे फ़ायदा भी उठा सकते हैं।
• आप कोई कॉमेडी वीडियो क्लिप देख सकते हैं या अपना पसंदीदा संगीत सुन सकते हैं।
•  अपने मोबाइल या टीवी को 4-5 मिनट देने से आप relax महसूस करेंगे।
• आपको अपना काम शुरू करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा मिलती है।
• थकान के लिए तुरंत ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करें।
• शरीर को ऊर्जा देने के लिए आप अंडे, ओट्स, केले और बादाम जैसी चीजों का सेवन कर सकते हैं।


आइए विस्तार से जानते हैं कि शरीर में कमजोरी होने पर क्या खाना चाहिए:-

• ताजा और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ कमजोरी और थकान को दूर करके ऊर्जा प्रदान करने में मदद कर सकते हैं।

• शरीर को ऊर्जा देने के लिए आप अंडे, ओट्स, केले और बादाम जैसी चीजों का सेवन कर सकते हैं।
• चिया बीज ऊर्जा के छोटे पावर बैंक हैं क्योंकि इनमें स्वस्थ वसा और फाइबर होते हैं। ये छोटे बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं जो मस्तिष्क और हृदय के कामकाज के लिए आवश्यक हैं।
• चिया बीज मैग्नीशियम का भी एक समृद्ध स्रोत हैं जो अत्यधिक थकान और तनाव के प्रभावों का मुकाबला करने में सक्षम माना जाता है।
• नट्स (nuts)किसी भी समय खाने के लिए उपयुक्त होता है। आप दिन भर में मुट्ठीभर नट्स लें।
(ज्ञात हो कि कोई भी चीज़ अति वर्जित होता है अतः अपने योग्य चिकित्सक से सलाह लेकर ही अपनी शारीरिक कमज़ोरी पर काबू पाएं।)



Monday, June 10, 2024

PEACH summer delight

 PEACH आड़ू के पेड़ और फल का भौतिक विवरण


आड़ू एक छोटा फल है जिसका छिलका मुलायम और गूदा मीठा सफेद होता है।


आड़ू का पेड़ छोटे से मध्यम आकार का होता है, यह शायद ही कभी 6.5 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचता है।
खेती के तहत, इन्हें आमतौर पर छंटाई करके 3 से 4 मीटर के बीच रखा जाता है।
आड़ू 🍑 बेर, खुबानी, चेरी और बादाम से संबंधित परिवार से हैं। उन्हें ड्रूप या पत्थर का फल माना जाता है क्योंकि उनका मांस एक खोल के चारों ओर होता है जिसमें खाने योग्य बीज होते हैं।

Peach आड़ू की पत्तियां चमकदार हरे रंग की, भाले के आकार की और लंबी नुकीली होती हैं जो चींटियों और अन्य कीटों को आकर्षित करने के लिए एक तरल पदार्थ का स्राव करते हैं।




Peach आड़ू की पत्ती की धुरी में लगे फूल, पिछले मौसम की वृद्धि के अंकुरों के साथ-साथ अलग-अलग या दो या
तीन के समूहों में व्यवस्थित होते हैं।
पाँच पंखुड़ियाँ, आमतौर पर गुलाबी लेकिन कभी-कभी सफ़ेद, पाँच बाह्यदल और पुंकेसर के तीन चक्र छोटी नली के बाहरी किनारे पर लगते हैं, जिसे हाइपंथियम (hypanthium) के रूप में जाना जाता है, जो फूल का आधार बनाती है।
Peach अन्य जगहों पर अलग-अगल नामों से जाना जाता है जैसे:-
भारत में  Peach को आड़ू के फल से जाता है? बंगाली में पिका, गुजराती में आलू और तेलुगु में आड़ू पांडु कहते हैं।
आड़ू-आर्थिक रूप से आयातित फसल का पेड़ उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध के गर्म समशीतोष्ण क्षेत्रों में अपने मीठे फलों के लिए उगाया जाता है।
आड़ू व्यापक रूप से ताजे होते हैं और पाई और कोबलर में भी पके हुए होते हैं, कई क्षेत्रों में डिब्बाबंद आड़ू मुख्य वस्तु हैं। पीले - ताजे किस्मों में विटामिन सी की मात्रा विशेष रूप से भरपूर होती है।


आड़ू का इतिहास और खेती (Hi
story and Cultivation)

आड़ू की उत्पत्ति संभवतः चीन में हुई और फिर यह एशिया से होते हुए पश्चिम की ओर भूमध्यसागरीय देशों और बाद में यूरोप के अन्य भागों में फैल गया।
स्पेनिश (Spanish) खोजकर्ता आड़ू को नई दुनिया में ले गए और 1600 की शुरुआत में ही यह फल मैक्सिको में पाया गया।
सदियों तक आड़ू की नई किस्मों की खेती और चयन बड़े पैमाने पर कुलीन वर्ग के बगीचों तक ही सीमित था और बड़े पैमाने पर व्यावसायिक आड़ू की खेती 19वीं सदी तक संयुक्त राज्य अमेरिका में शुरू नहीं हुई थी।
शुरुआती रोपण अंकुर आड़ू थे, जो अनिवार्य रूप से परिवर्तनशील और अक्सर खराब गुणवत्ता वाले होते थे। कठोर अंकुर रूटस्टॉक्स पर बेहतर किस्मों को ग्राफ्ट करने की प्रथा, जो सदी के अंत में आई, ने बड़े वाणिज्यिक बागों के विकास को जन्म दिया।
दुनिया भर में, आड़ू सबसे महत्वपूर्ण पर्णपाती-पेड़ों के फलों में से एक है और चीन, इटली, स्पेन और संयुक्त राज्य अमेरिका इसके प्रमुख उत्पादक हैं।
जानें (Peach) कौन सा राज्य आड़ू फल के लिए प्रसिद्ध है?
जॉर्जिया (Georgia)को आड़ू का स्टेट माना छाता है।  आड़ 
की असाधारण गुणवत्ता के लिए  जॉर्जिया स्वादिष्ट फल का पर्याय बन गया है। "पीच-स्टेट" निकमेन की उत्पत्ति जॉर्जिया का उपनाम, "पीच स्टेट" अपने उत्पादकों की उच्च गुणवत्ता वाले आड़ू के उत्पादन के लिए लंबे समय से चली आ रही प्रतिष्ठा से उपजा है।
जॉर्जिया (Georgia) की गर्म जलवायु और उपजाऊ मिट्टी आड़ू  की खेती के लिए आदर्श स्थिति प्रदान करती है, जो राज्य की कृषि सफलता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन गया है। यह प्रतिष्ठा राज्य की पहचान और इतिहास में गहराई से समाई हुई है, जिससे जॉर्जिया (Georgia) स्वादिष्ट फल का पर्याय बन गया है।

आड़ू के फ़ायदे 


आड़ू (Peach)को अकेले खाया जा सकता है या कई तरह के व्यंजनों में मिलाया जा सकता है। 
इसके अलावा आड़ू पौष्टिक होते हैं और कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते हैं। 
जिसमें बेहतर पाचन, चिकनी त्वचा और एलर्जी से राहत दिलाने में शामिल है।


आड़ू विटामिन सी (C) और के (k) का अच्छा स्रोत है, जिसका उपयोग  शरीर घावों को भरने के लिए होता है।
विटामिन ई (E) शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है और आँखों और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
थोड़ी मात्रा में जिंक भी दृष्टि में मदद करने के अलावा  रक्त के थक्के और थायरॉयड  के लिए अच्छा होता है।
आड़ू अविश्वसनीय रूप से मीठे हो सकते हैं, लेकिन एक मध्यम आड़ू में 13 ग्राम से कम चीनी होने के बावजूद, उन्हें चीनी में कम माना जा सकता है।
टाइप 2 डायबिटीज़ वाले ज़्यादातर लोगों को ताज़े फलों से परहेज़ करने की ज़रूरत नहीं है। ताज़े खाद्य पदार्थ, जैसे कि जामुन, चेरी, खट्टे फल और आड़ू का सेवन स्वस्थ, संतुलित मधुमेह-अनुकूल आहार के हिस्से के रूप में किया जा सकता है।

PEACH 🍑 LEMONADE पीच लेमोनेड 



पीच लेमोनेड बनाना बड़ा आसान है
चाहिए आड़ू का स्लाइस एक कप
एक नीबू का रस
नारंगी का रस और
चीनी।
आड़ू को नीबू और नारंगी के रस के साथ चीनी मिलाकर
ब्लेंड कर दीजिए। उसके बाद बर्फ के टुकड़े डालकर पीच लेमोनेड का आनंद लीजिए। 

Thursday, June 6, 2024

WORLD 🌎 ENVIRONMENT DAY

 WORLD 🌎 ENVIRONMENT DAY 


पर्यावरण के जन्मदाता कौन थे?
•  Alexender Von Humboldt पर्यावरण का जनक माना जाता है। वे 18वीं शताब्दी के अंत में  अपने अन्वेषणों और लेखों के माध्यम से आधुनिक पर्यावरण विज्ञान की नींव रखने में उनके योगदान के कारण पर्यावरण का जनक माना जाता है।

1. पर्यावरण दिवस हम क्यों मनाते हैं?
1972STOCKHOLM में,  में(United General Assembly) ने एक सम्मेलन के दौरान पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए
5 June को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित किया।
• 1973 में विश्व पर्यावरण दिवस (World EnvironmentDay) 🌎 पहली बार मनायी गयी।

2. 2024 की पर्यावरण दिवस की थीम क्या है?



#हमारी भूमि,हमारा भविष्य.
हर साल एक थीम  निर्धारित की जाती है। जैसे इस साल की थीम है:-
"भूमि पुनर्स्थापन मरुस्थलीकरण और सूखा लचीलापन"(Land Restoration desertification Drought Resilience).
  (Our Land Our Future)विश्व पर्यावरण के लिए यही थीम निर्धारित है।
#Generationrestoration
प्रकृति से जुडी समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 6 थीम में बांटा गया है।
1. काम और खेल
2. जानवर और पौधे
3. भोजन पानी
4. आवास
5. यात्रा
6. हम चीज़ें कैसे बनाते हैं।
इस साल2024 के पर्यावरण दिवस का मेज़बान Saudi Arabia कर रहा है।


2024 में सऊदी अरब सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव और मिडिल ईस्ट ग्रीन इनिशिएटिव जैसे पहल के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। ये देश  दुनियाभर में भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण, और गम्भीर सूखे की स्थिति से निपटने के लिए मार्गदर्शन करेगा।








Wednesday, June 5, 2024

MANGO SMOOTHIE,mint-ice summer drink

 Mango smoothie, mint-ice summer drink


आम का परिचय

आम एकल अंडप से प्राप्त एक ग्रीष्मकालीन फल है।
• वनस्पति विज्ञान की दृष्टि से आम ड्रूप (drupe) फल के रूप  में वर्गीकृत किया गया है।जिसमें एक बाहरी छिलका, एक मांसल  खाने वाला भाग और खास तौर से एकल बीज को घेरे हुए एक केंद्रीय पत्थर होता है जिसे अन्य एकल बीज फल जिसे बेर,चेरी या आड़ू की तरह पत्थर फल भी कहा जाता है।
आम जहां गरीबों की पेट भरने का साधन होता है तो दूसरी ओर आम धनपतियों के भोजन की शोभा की शोभा होती है।
आम की प्रजाति को मैंगीफेरा कहते हैं। मैंगिफेरा इंडिका आम का वानस्पतिक नाम है। इस नाम में मैंगिफेरा जीनस का प्रतिनिधित्व करता है और इंडिका एक विशेष प्रजाति है।
आम आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण फल माना जाता है।
आम फलों का राजा कहा जाता है। इसकी 51 प्रजातियां हैं।

चाहे धनी हो गरीब आम सबको पसंद होता है। आम जितना स्वादिष्ट होता है, स्वास्थ्य के लिए उतना ही फायदेमंद होता है।
आम खाना बहुत लाभदायक होता है। पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है।
अब जानें आम की स्मूडी कैसे बनाते है।
1. एक कप पके आम का गूदा
2. एक कप दही
3. थोड़ी सी मिश्री
4. कुछ बर्फ के टुकड़े
5. थोड़ी पीसी हुई ईलाइची का पाउडर
सब को मिलाकर blender में एक बार चला दे। एक गिलास में डाले, कुछ पुदिने के पत्ते मसल कर ऊपर से डाल दें। ठंडा-ठंडा आम स्मूडी का आनंद लें।

आम के बारे में जानें कुछ दिलचस्प बातें:-


आम को वेदों में विलास का प्रतीक कहा गया है।
• आम का

• आम को वे सब से प्रसिद्ध संबंध प्यार, वासना और प्रजनन क्षमता से है।
• आम को भारत में फलों का राजा कहा जाता है तो मैंगोस्टीन (Mangosteen) को फलों की रानी कहते हैं। जो मलेशिया और सिंगापुर में सबसे ज्यादा पाया जाता है।
• हिंदू की पुराण कथाओं में आम को समृद्धि और दैविय आशिर्वाद से जोड़ा जाता है।
• आम का पेड़ पवित्र माना जाता है जो शुभता का प्रतीक माना जाता है।
• आम की पत्तियां और फूलों-मंजरियां का संबंध प्रेम के देवता कामदेव से है।
वास्तुशास्त्र की दृष्टि से आम का पेड़ लगाना शुभ होता है।मगर उसकी दिशा घर के दक्षिण पश्चिम की ओर होना चाहिए और कहते हैं कि पेड़ की छाया घर पर नहीं पड़नी चाहिए। यह सौभाग्य को  आपके पक्ष में लाने में मदद करता है।













Monday, June 3, 2024

EVM (ELECTRONIC VOTING MACHINE)

 EVM मशीन क्या है?

EVM मशीन एक (Made in India) उपभोक्ता electronics ब्रांड है।



EVM इलेक्ट्रॉनिक मशीन एक ऐसी मशीन है जिसका उपयोग लोग चुनाव के दिन वोट डालने के लिए करते हैं

मशीन जिसमें चुनाव कराया जाता है, बैलेट छपाई का खर्चा बचाया जाता है, समय की बचत होती है और महीनों तक डेटा स्टोर किया जा सकता है

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन एक पोर्टेबल डिवाइस है जिसका उपयोग चुनाव के लिए किया जाता है

चुनावों में इनका उपयोग करने के लाभ ये हैं:

1. ई.वी.एम. से चुनाव कराने से लाखों मतपत्रों की छपाई की लागत बचती है और पर्यावरण को होने वाला नुकसान से भी बचाया जाता है।

2. मतों की गिनती बहुत तेजी से होती है और परिणाम 2-3 घंटे में घोषित किया जा सकता है, जबकि मतपत्र प्रणाली में 30-40 घंटे लगते हैं।
3. ईवीएम में डेटा को बिना छेड़छाड़ के लंबे समय तक संग्रहीत किया जा सकता है.

पिछले चुनावों और मतदान के रुझानों की भविष्यवाणी, विश्लेषण करने के विज्ञान को सेफोलॉज़ी (Psephology) कहा जाता है?


सेफोलॉजी (Psephology) चुनाव परिणामों की भविष्यवाणी करने का विज्ञान है।
•  यह पिछले चुनावों के विश्लेषण और चुनाव के समापन के बाद मतदान के रुझान से भी संबंधित है।
• इसकी सीमाएं स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं हैं।
सेफोलॉजिस्ट (Psephologist) विभिन्न सामाजिक संदर्भों में चुनावों का अध्ययन समझ सकती है।

*चुनाव प्रक्रिया से संबंधित निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रमिक क्रम:-

1. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा
2. प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार करना
3. नामांकन दाखिल करना
4. नामांकन वापस लेना
5. प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित करना।


*भारत में चुनाव निम्नलिखित प्रक्रियाओं के अनुसार आयोजित किए जाते हैं

1. उम्मीदवार चुनाव आयोग के पास अपना नामांकन पत्र दाखिल करते हैं।
2. उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की जाती है
3. मतदान से पहले दूसरे आखिरी दिन सुबह 6 बजे प्रचार समाप्त हो जाता है।
4.मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होता है।
5.ईवीएम (EVM) का उपयोग चुनाव धोखाधड़ी को रोकने के लिए किया जाता है
6. नागरिक के मतदान के बाद उसकी बायीं तर्जनी अंगुली पर अमिट स्याही का निशान लगाया जाता है।

अब जरा पीछे मुड़कर देखें। हालांकि इवीएम  का सफ़र इतना आसान नहीं है। हारने वाले पार्टी इसे हमेशा शक की नजर से देखते हैं।

• 1982 में इवीएम का प्रयोग पहली बार केरल के आम चुनाव में हुआ था।
• 2001 May में Tamil Nadu, Kerala, Puducherry और West Bengal राज्यों में हुए  विधानसभा चुनावों में सभी विधानसभा क्षेत्रों में EVMs मशीन का उपयोग  हुआ  था।
• 2004 में लोकसभा के आम चुनाव में देश के सभी 543 (Parliamentary Constituencies) क्षेत्रों में
• इवीएम (दस लाख से ज्यादा) का उपयोग किया गया था।
• 1988 में EVM को लागू किये गए आरपी एक्ट 1951 की धारा 61Aके तहत वैधानिक  समर्थन प्राप्त है।




Sunday, June 2, 2024

LICHEE-TROPICAL AND SUBTROPICAL FRUITS

 


Lichee__ tropical and subtropical exotic fruits

Lichee _ जैसे नाम ही से पता चलता है कि इसका
इतिहास चीन से रहा होगा। बात सच है। ऐतिहासिक
रूप से, लीची की खेती 1050 ईस्वी से दक्षिणी चीन में की जाती रही है।
लोगों की मान्यता है कि लीची 2000 पूर्व से उगाया जाता रहा है।
हान राजवंश के दौरान चीनी शाही दरबार में लीची बहुत प्रिय थी।
Lichee को आनंदमय जीवन के लिए उपहार के रूप में लिया जाता था।
लीची चीनी व्यापारियों के जरिये हिंद महासागर के ट्रोपिकल देशों में पहुँचा।जैसै:-
मॉरिशस, रोड्रिक्स आइलेंड,  रेनियन टापू, और मेडागास्कर
लीची एक रसेदारफल है जो गुच्छों में लगती हैं। इसके पेड़ बहुत घने और बड़े होते हैं। यह पेड़ आनंद और समृद्धि का प्रतीक है। जिसके भी आंगन में लीची का पेड़ होता है उसे
गरीबी का श्राप नहीं लगती। हालांकि यह पेड़ बहुत नज़ाकत से पाले
 जाते हैं।
Photo credit: Pinterest
Lichee कच्चे होने पर हरे होते हैं और पक जाने लाल हो जाते हैं।
वृक्षों पर पके लीची अनयास ही मन को अपनी ओर आकर्षित कर लेता हैं।

मॉरिशस के लीची बड़े शानदार होते हैं। वहां की जलवायु  इसके अनुकूल होते हैं।
सरदी के अंत में पेड़ों पर फूल आने लगते हैं। गरमी की शुरुआत नवम्बर, डिसम्बर में मॉरिशस के बाज़ार पके लीचियों के गुच्छों से गुलज़ार हो
 जाते हैं।

नवम्बर, डिसम्बर इस के पीक सीज़न होते हैं। कहीं कहीं
जनवरी के मीड तक चल जाते हैं।

इसके विपरीत भारत के बाज़ार में लीची मई  महिने के अंत और 15 जून तक लीची के दर्शन होना बंद हो जाता है।



लीची की खेती करना बहुत महंगा व्यवसाय होता है।
अगर बीज से लगाया जाए तो पांच से छ: साल के बाद ही फल देना शुरू होता है। जबकि कलम से लगाने पर साल के पहले सीजन में फल देने  लगता हैं।
चूंकि लीची को आम की लरह तोड़कर नहीं पकाया
जाता हैं इसीलिए इसको पेड़ पर ही पकने दिया जाता है।
पके लीची को चमगादड़ों से बचाने के लिए पेड़ों पर जाले लगाए जाते हैं।
Lichee खाने से जहां स्वस्थ लाभ होता है तो दूसरी ओर अधिक खाने से शरीर में गरमी के कारण फोड़े फुंसी भी होने
लगते हैं।
Lichee की तासीर गरम होती हो। रसेदार और पके लीची
को बर्फ भरे ठंडे पानी में दो  घंटे तक रख कर ही खाया जाता है।
Lichee एक लग्ज़री फल है जो बहुत कम समय में अपनी
छटा बिखेरती हो।
लीची का पेड़ घर के आंगन में लगाने से सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
Lichee का ठंडा शरबर पीने से शरीर में ताज़गी भर जाती है।

Lichee delight
 

गरमी के मौसम में lichee delight का अपना अलग ही
राजसी ठाठ होता है।
आइये लीची डीलाइट बनाते हैं_

Lichee delight recipe :-

एक कप लीची का रसेदार गूदा
एक कप बर्फ के टुकड़े
मीश्री
और soda water.
लीची का गूदा, बर्फ और मीश्री को एकसाथ blender में चला दें।
उसके बाद ठंडे सोडा पानी मिलाकर  lichee delight का आनंद लें।


















Eclipse,EarthDay

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 The Trilogy of Transformation: Focus, Learn, and Grow We live in a world that constantly demands our attention, yet rarely offers us direct...