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Thursday, May 1, 2025

पिघलता क्षण

 पिघलता क्षण

सच मानिये !

कभी कभी मुहूर्त आपके मुताबिक  नहीं होता

चाहकर भी कोई  काम नहीं होता

अगर करो भी तो कोई  न कोई बाधा आ ही जाता

तितली फूल पर बैठती है तो फूल झड़ जाता है

नदी किनारे पक्षी भूखा ही रह जाता है

और नाव विपरीत दिशा में बही  चली जाती है।




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