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Monday, May 5, 2025

उसका ख्याल

 'उसका ख्याल..!

सुनहरे चादर में लिपटी...!

उलझा था मेरे काले केशों में...!

उसका ख्याल 



.

गोधूली बेला..!..और...!!

जल रहा था..!

आकाश में सूरज...!

.

सांझ और रात के बीच..!

हो रहा था एक मौन संवाद..!

.

मैं शृंगार करूँ-

कि-

न करूँ...?

ओ मेरे भ्रमित मन..!

.

क्यों...?

हरसिंगार की उदास खूशबू...?

मेरी आत्मा को कचोटती है...?

बारम्बार...!!

कुन्ती।

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