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Sunday, February 25, 2024

Love



 हव्वा के प्यार में....!

माना..!
आदम ने शैतान का सेब खाया...!
क्या दोषी था आदम...?
या हुआ था उसके विश्वास का हनन...!
.
शैतान का मकसद क्या था...?
हव्वा को पाना....?
इस प्रश्न को लेकर .....!
उलझा है सारा संसार...!
.
आदम और हव्वा...!
चुका रहे हैं आज भी...!
शैतानी सेब की कीमत...!
और...!
शैतान ढूँढ़ रहा है...!
दूसरे ग्रहों पर....!
एक और हव्वा...!!


 










Thursday, February 22, 2024

Jealousy जलन क्या होती है?

Jealousy जलन क्या चीज़  होती है?

आपको नहीं  पता क्योंकि आप खुशमिज़ाज इंसान  है। आप खुद  भी खुश रहते हैं  और हर किसी  को  खुश  देखना चाहते हैं।

आप जीवन में  बहुत कुछ  करना  चाहते  हैं  और करते  भी हैं  लेकिन  आपको  पता भी हैं  कुछ लोग  आपकी अच्छाइयों  से जलते भी हैं?

आपको  कितना नुकसान  पहुँचाया जाता  है लेकिन  आपको  पता भी नहीं  चलता अगर एहसास  भी होता है  तो आप ईश्वर  की मर्जी समझते हैं।

 

Wednesday, February 14, 2024

आइना Aina

 






My mirror .....! 
It shows more of my soul than
my face . 
Every person is a worshipper of beauty…! Whereas- 
my mirror ....! Like a pale Mayanka- in the dawn light...! Shows me my axis…! 
One of my steps collides with the wall…! 
While- the other step…! 
Stops on a transparent wall…!! 
Who would I fight with…! 
What would happen to my existence…?
I am worried….! To such an extent….! 
And I ask everyone…! 
Why doesn't my mirrorbreak…? 
#coonteething 



























Valentine

 '‘प्रेम के कुछ बंधन ऐसे भी होते हैं....!

जिससे-

हम प्रेमसूत्र में तो बंधते हैं.....!

यह जाने बगैर कि-

कि हम चाहते क्या है...?

हमरे मन में एक अंधे कुएँ सी-

प्यास जागती है...!!


कितने रिश्ते पनपते हैं उस प्रेम से....

हमारे आस पास....!

हम बांध नहीं पाते हैं जिन्हें...!

वक्त से शिकायत रहती है अक्सर...!

यह जाने बिना कि-

वक्त हमें कितना कुछ दे जाता है...!


बेवफ़ा हम नहीं तो कौन है...?

और...

कितने संवाद करते हैं हम-

अपने मन के खोखले होते खण्डहर से...!


जितना भी हम जियें...!

लम्बी उमर लेकर नहीं..!

खुशानुमा जिंदगी  जीकर...!!



Photo:Pinterest


Kali Raat





वह काली अंधेरी रात

कैसे भूल पाऊंगी वह काली अंधेरी रात
एक झटके में___ मानो
जैसे मैं काली ग्ह्वर में समाती चली गयी ।

मैं चीख चीख के कह रही थी __
"मैं अभी जिंदा हूं।
मुझपर रहम करो
मुझे इस ब्लैक होल से बाहर निकालो।
लेकिन किसीने मेरी एक न सुनी।
सब अपना अपना राग अलापते रहे।
सब को अपने मशहूर होने की फ़िक्र थी।

हर कोई बढ़ चढ़ कर अपना प्यार मुझ पर जताता रहा।
लोगों का शोर बढ़ता गया,बढ़ता गया
अंततः, उस शोर में मेरी आवाज़ क्षीण होती गयी।
मुझे मृत घोषित कर दिया गया।
श्वेत फूलों से मुझे ढक दिया गया।
ऐसे कि ___
मेर लहूलुहान जिस्म  न दिखे।
आह! ___
मेरी विदाई शोक गान से सबकी आंखें भर आती।


मैं भी रो पड़ी अपनी बेबसी पर
मैं तो जिंदा रहना चाहती थी
अपनों के बीच
अपने बच्चों के बीच
आजीवन प्यार लुटाती हुई।
हवा में फैली खुशबू की तरह।

Eclipse,EarthDay

The Timeless: Why You Are Never Too Old to Dream a New Dream https://pin.it/qzID01QZe We often treat life like a race with a definitive fini...